Saturday, September 24, 2016

पुष्प प्रार्थना के


शब्द 
माटी 
बीज 
जल 
हवा 
आकाश 
वृक्ष 
जीवन 
प्रश्न - प्रश्न 
टूट - टूट 
उतर -उत्तर 
अँधेरे-अँधेरे 
नम नम 
गर्भ गृह में 
प्यास लिए 
पुनः प्रस्फुटित 
पल्लवित हो 
छायादार बनने की 
अर्पित 
कर रहा 
विराट समंदर में 
पुष्प प्रार्थना के 


-
अशोक व्यास 
न्यूयार्क, 
२१ सितंबर २०१६ 

No comments:

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...