Monday, December 11, 2017

कविता





















कविता
न नारा
न विज्ञापन
कविता
सत्य खोजता
मेरा मन

कविता
न दर्शन
न प्रदर्शन
कविता
अनंत से
खेलता बचपन

कविता
चुपचाप चलता
मधुर जीवन
कविता
मेरे भीतर
मेरा आगमन

कविता
मौन मुखरित
ममत्व प्रसव 
शिखर पर
सुरभित
नव नव उत्सव
-अशोक व्यास
दिसम्बर ११, २०१७
न्यूयार्क, अमेरिका

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...