Thursday, August 4, 2016

आसमान ने कहा कविता का अर्थ है विस्तार




१ 
कविता क्या होती है 
उसने चलते चलते हवा से पूछा 
हवा ने उसका सवाल पेड़ों की शाखाओं को सौंप दिया 

हवा में झूलती शाखाओं को देखते देखते 
वो अपना सवाल ही भूल गया 

२ 

कविता क्या होती है 
इस बार उसने बहती नदी से पूछा 
नदी ने इतराते हुए कहा 
बल खाते हुए 
अपने प्रियतम की तरफ जाती 
 प्रेयसी की चाल को कविता कहते हैं 


३ 

वह नदी की चाल देखता रहा 
 नदी में झांकते आसमान से 
ना जाने क्यूँ 
उसने फिर पूछ लिया 
क्या नदी सही कह रही है 

क्या कविता का सम्बन्ध गति से है 

नहीं तो 
आसमान ने कहा 
कविता का अर्थ है विस्तार 
विस्तार को खोलने वाले हर बिम्ब को सहेजना ही कविता है 



४ 

तुम्हारे लिए कविता क्या है 
इस बार नदी के किनारे ने 
उससे ही 
उसका सवाल पूछ लिया 

वो चौंक गया 
पर 
तुरंत ही बोल पड़ा 

मेरे लिए कविता का अर्थ है जीवन 

मेरा जीवन 
एक कविता ही है 


अशोक व्यास 

न्यूयार्क, अमेरिका 
आग ४ २०१६

1 comment:

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