Tuesday, May 12, 2015

पिंजरे वाले शेर की तरह



१ 
मेरा किस्सा भी आम कर डाला 
मुझको मेले के नाम कर डाला 
२ 

प्रतीक्षा  सी है अंतस में 
कब होगा सब मेरे बस में 
पिंजरे वाले शेर की तरह 
कब तक रहना है सर्कस में 

अशोक व्यास 
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