Friday, May 16, 2014

सेवा व्रतधारी का सत्कार

 
 
 
 सत्यमेव जयते!
खुला नवयुग प्रवेश का द्वार
सांस्कृतिक भारत की झंकार
सुना रही जन जन की हुंकार
अबकी बार, उत्साह अपार
समर्पण संग राष्ट्र प्रेम का सार
सेवा व्रतधारी का सत्कार
सकारात्मक सोच की सरगम
विकास की ओर बढ़ें कदम

भारत गौरव में मानवता का उत्थान
कर्म, निष्ठां, प्रगति, आत्म सम्मान
व्यर्थ न जाए वीरों का बलिदान
समय का रचनात्मक आव्हान

लम्बी चुनाव प्रक्रिया के इस पार
अबकी बार, बदल गया संसार
विरोध हुआ कितना जोरदार
पर आ गयी नमो सरकार

नमो प्रधान मंत्री असरदार
भारत माँ की जय जैकार

- अशोक व्यास , मई १६ २०१४

2 comments:

ARUN SATHI said...

sadhu sadhu

Rakesh Kumar said...

सत्यमेव जयते!


नमो नमो नमो

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...