Thursday, April 26, 2012

आनंद की बरसात


वह अब इस तरह साथ है
की उसके होने से हर बात है
उत्सव कर देती है जीवन को 
साँसों में कुछ ऐसी सौगात है

उसकी कृपा से  ऐसी मुलाकात है
की मेरी हर बात उसकी बात है
बहता है अपनत्व का झरना
हर अनुभव, आनंद की बरसात है


अशोक व्यास
२६ अप्रैल २०१२
न्यूयार्क, अमेरिका 

1 comment:

प्रवीण पाण्डेय said...

उससे जुड़ी हर चीज आनन्दरूपा है..

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...