Tuesday, April 17, 2012

एक ममतामय आधार




मौसम के बदलने का परिचय
देह में बैठा
यह कौन 
दे देता है मुझे
वहां
जहाँ हर मौसम को
जन्म देता 
एक ममतामय आधार
खिलखिलाता है
हर परिवर्तन के
खिलने पर
कुछ इस तरह
जैसे
अपने शिशु को
पहला कदम रखते हुए
देख कर
पुलकित आभा से
दीप्त हो जाता है
मुख मंडल माँ का


अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
१६ अप्रैल २०१२                

1 comment:

Rakesh Kumar said...

आपकी प्रस्तुति अनुपम अहसास करा रही है.
ममतामय आधार की अनुभूति ...वाह!
शिशु बन पाना बहुत कठिन है जी.
आप पर गुरु कृपा है,अशोक भाई.

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...