Sunday, February 12, 2012

शिरडी साईं विश्व साईं




शिरडी साईं विश्व साईं
साईं अपने सदा सहाई

स्वयं प्रकाशित, मंगल कारी
साथ चलें, जैसे परछाई

उनकी करूणामय दृष्टि ने
हर एक बाधा पार कराई

गुरु-गोबिंद, दोनों के दरसन
साईं में हो जाते भाई

ध्यान धरे, भव-बंधन छूटे
शिरडी साईं, विश्व साईं

शिरडी साईं- विश्व साईं
साईं अपने सदा सहाई


अशोक व्यास

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...