Monday, August 22, 2011

विश्वास



उसने अपना बना लिया है
 इस पर होता जब विश्वास
   सौरभ प्यार भरी सांसों में
 पग पग रच देती उल्लास


अशोक व्यास
न्यूयार्क, २२ अगस्त 2011   

1 comment:

वन्दना said...

्गहरी मगर सच बात कही।

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...