Saturday, October 30, 2010

वही मिल जाता है

 
कभी कभी
बहुत महत्वपूर्ण होती है
ये बात
कि कहाँ क्या है
पर एक कुछ अप्रभावित रहता इससे 
मीरा महल में हों या नगर की गलियों में
लय मीरा के मन की
सधी रही कान्हा तक हमेशा


एक वह 
जो अप्रभावित है सबसे
किस तरह प्रभावित कर देता सब कुछ
सोचने लगें तो
सोच छूट जाती है
वही मिल जाता है
जो है


अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका

1 comment:

प्रवीण पाण्डेय said...

प्रभावित रहने से विचारधारा बँध जाती है।

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