Thursday, June 3, 2010

शांति का कवच


तूफ़ान कहीं भी
किसी भी बात पर
हो सकता है प्रकट,

ज्वालामुखी बन सकती है
किसी एक
याद की करवट,

आओ 
फिर से
शांति का कवच पहने
कर लें 
आलिंगनबद्ध 
सागर को झटपट 
अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
सुबह ७ बज कर ३० मिनट
जून ३, २०१०, गुरुवार

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