Wednesday, April 21, 2010

सबसे बड़ा सौदा


कह तो रही है
कभी समुद्री तूफ़ान से
कभी ज्वालामुखी के उठान से

सत्ता वह
बात कुछ

२ 
ऐसे में
जब सब कुछ
छिन्न-भिन्न सा
देता हो दिखाई
क्या हमें
सचमुच विश्वास होता है
कि हो पायेगा
बदलाव
हमारे प्रार्थना कर लेने
मात्र से


प्रार्थना माँगना नहीं
दे देना है अपने आप को
एक उसको
जो उत्कृष्ट है, सर्वज्ञ है, सर्वत्र है


और हमने
देना नहीं
लेना ही लेना सीखा है
जीवन भर


सबसे बड़ा सौदा वो
है
जिसमें
दांव पर लगा कर
अपना अहंकार
पा जाते हैं
कभी ना छीजने 
वाला प्यार

अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
सुबह ७ बज कर ४७ मिनट
बुधवार अप्रैल २१, 2010



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