Saturday, January 16, 2010

अंतस का श्रृंगार


दिन दिन
बनाता हूँ
आधार
जिस पर
बह सके
प्यार

कर पाने
साँसों में
अनंत का सत्कार
करता हूँ
नए सिरे से
अंतस का श्रृंगार

अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
१६ जन १०
१२ बज कर २९ मिनट पर

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