Monday, December 21, 2009

तुम्हारा होने में



धीरे-धीरे
छंट गई है धुंध सारी
पूरी हुई
सूर्योदय की तैय्यारी
आलोकित होकर
देख रहा दुनिया सारी
मुझमें होकर
आ जा रहे नर नारी



पारदर्शिता के साथ
मिल गया है विस्तार
क्या सबमें है ये मणि
जिससे जगमग प्यार



उड़ान के लिए निकलते हुए
उसने मना किया था
माँ को
किसी को देख रेख के लिए मत भेजना
तय करने देना
मुझे अपनी गति, अपनी ऊंचाई, अपनी दिशा

जानने देना माँ
मतलब थकान का
देखने देना
एकांत का नुकीलापन

मैं देखना चाहता हूँ
तुम्हारी परछाई के पार
कैसी है दुनियां

क्यां मैं जी सकता हूँ
तुम्हारे आँचल के बिना

बना सकता हूँ
अपना ही कोई रूप
ऐसा
कि एक दिन
कह सको तुम भी गर्व से
'बेटा तो मेरा है
पर साथ कुछ लाया था
आते समय
किसी अज्ञात प्रदेश से
मेरी कोख में
जिसे मैंने अब देखा है
जब मेरा लाडला
चला गया है दूर
मेरी परछाई से'

माँ
कुछ ना बोली
उड़ान शुरू हुई
थकान शुरू हुई
चलने लगी लड़ाई
अपने डर से,
एकांत के नाखूनों से
सचमुच छिल छिल कर
लहू-लुहान हो गया अपना आप

एक विवश क्षण में
माँ को पुकारने की चाह को दबाते हुए
सहसा
दिखाई दिया उजाला सा
सांत्वना देती माँ
करुणा के साथ प्रकट हुई
मेरे ही भीतर से
"बेटा, मत घबराओ
तुम वैसे बढोगे, जैसे चाहो
जानती हूँ
तुम्हारे संघर्ष को दिशा देने
तुमारी स्वतंत्रता छीनने नहीं आयी हूँ
साथ तुम्हारे

तुम नहीं देख पाते बेटा
एक समय था
जब तुम मेरे भीतर थे
अपनी स्थूल इयत्ता लिए
तुम अब भी मेरे भीतर हो
अपनी सूक्ष्म इयत्ता के साथ

और
मैं भी हूँ तुम्हारे भीतर हमेशा

तुम अपने नए नए शिखर तक पहुचो
फैलाव उजियारा प्रेम का दूर दूर तक

पर याद रहे
जहाँ जहाँ तुम पहुच पाओगे
वहाँ वहाँ
तुमसे पहले पहुँच कर
करती रहूंगी
अगवानी मैं तुम्हारी
तुम हर बार मुझे देख भी ना पाओगे
क्योंकि ऐसा ही चाहते हो तुम

आत्म निर्भर होने की अनुभूति वाला खेल
मैंने ही सिखाया था तुम्हें

खेलो और खेलो

खेल खेल में
आगे बढ़ो

लो मिटा कर जलन तुम्हारे एकाकीपन की
जाता कर डर का यह जंगल
सौंप कर तुम्हें नयी ऊर्जा और नया उत्साह

छुप जाती हूँ मैं फिर
ऐसे की तुम्हें लगता रहे
तुम अकेले ही सब कुछ कर रहे हो

बेटा, सोच ना करना
सब दूँगी तुम्हें
सामीप्य भी और दूरी भी
मीठा भी और नमकीन भी

तुम्हें तृप्त देख कर
अब तक तृप्त होती हूँ मैं
तुम्हारे संतोष में
मेरा संतोष है

तुम्हारे होने में
विस्तार पा लेता है
मेरा होना


अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
दिसंबर २१, ०९ सोमवार
सुबह ५ बज कर १२ मिनट पर

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