Thursday, June 9, 2016

अदृश्य आंधी का आलाप


यह एक 
असहजता 
जो पसर जाती है 
भीतर अपने 
चुपचाप 

बिसर जाता 
समन्वित सौंदर्य 
जाग उठता 
अदृश्य आंधी का आलाप 

इससे निपटने 
करूं 
कौन सा जाप ?

शब्दनदी  किनारे 
ढूंढ़ता  वो जड़ी-बूटी
जो मिटाए 
बेचैनी का श्राप 


अशोक व्यास 
न्यूयार्क, अमेरिका 

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