Tuesday, May 20, 2014

उत्सव है स्वर्णिम साथ का


उत्सव है स्वर्णिम साथ का 
आनंद बरसे इस बात का 
प्रेम और सेवा का संगम 
कृपामय नृत्य द्वारका नाथ का 

भीम चाचाजी और चाचीजी का साथ 
पूरे परिवार में माधुर्य की सौगात 
गौरवशाली मिलन की पच्चासवीं वर्षगाँठ 
श्रीनाथ जी की शरण में हो रहे हैं ठाट 

बात हंसने-गाने, झूम जाने की 
बधाई के मंगल गीत सुनने सुनाने की 
संस्कार सरिता से आचमन कर 
विशिष्ट युगल पर पुष्प बरसाने की 

ह्रदय में प्रार्थना और उल्लास 
भीम चाचाजी हैं सबके ख़ास 
 चाचीजी उनके लिए खासमखास 
प्रेरक दाम्पत्य के उजले बरस पचास 

रंग-रस से छाई बेला मतवाली 
बाजे ढोल-मृदंग और थाली 
सजती रहे यह धूम -धाम 
चाचाजी - चाचीजी को प्रणाम 

आत्मीयता के युगल कोष को वंदन 
मस्त जय श्री कृष्ण वाला अभिनन्दन 

जय हो !
अशोक व्यास 
न्यूयार्क, अमेरिका 
२० मई २०१४ 




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