Monday, August 13, 2012

पचास बरसों में ये मिला सार




ना भूलूँ, निराधार का आधार
 हर सांस का श्रद्धायुक्त सत्कार 
ईश्वर और गुरुदेव सहित माता-पिता 
बुजुर्गों, बंधू-बांधवों का आभार 

पचास बरसों में ये मिला सार 
प्यार बिना सब कुछ निस्सार 
शाश्वत संपर्क की सजगता बिना 
सूख सकती है ये पावन रसधार 

जीवन यानि गति और विस्तार
जीते वो हैं, जो होते हैं उदार 
और मैं के मूल में जाए बिना 
हो नहीं सकते क्षुद्रता की पार 

पचास बरस- 
कृपा की स्वर्णिम झंकार 
प्रार्थना यही, 
हों सारे कर्म तुम्हारे संकल्प अनुसार 
छुडा दो ओ केशव-
काम-क्रोध-मद-लोभ-दंभ से 
कर दो,
 जीवन के उत्तरार्ध में पावन परिष्कार 

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वह कहने, जो कहा नहीं जाता 
मुख से निकला, ओ अविनाशी विधाता 
बनाओ हमारे जीवन को, आनंद और प्यार की 
रसमय, चिन्मय, मंगल गाथा 

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धन्यवाद और आभार के साथ 
जन्मदिवस पर कहनी है यह बात 
हमारे हर सांस है जिसकी सौगात 
एक उसकी बात से, बन जाती हर बात 

जिसके बनाए, होते हैं दिन और रात 
हम सुनें-सुनाएँ, नित्य उसकी बात 
है हम सबके जन्म-मरण का मूल जो 
करता हूँ, उसका स्मरण, आप सबके साथ 

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बस यही है केक, रसगुल्ला और मावे की कचौरी 
रसमय ढंग से देखें, उसके हाथ बंधी हमारी डोरी 

अपने जन्म दिवस पर, 
अपने साथ-साथ 
आपके लिए भी 
उसकी कृपा का आव्हान 
सुख-संतोष। 
शांति- सम्रद्धि  और 
समन्वय हेतु 
प्रार्थना युक्त मंगल गान 

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आत्म-दरस करवाने वाले की जय जयकार 
ओ चिर्मुक्त, तुम्हारी करूणा अपरम्पार 
पारसमणि है स्पर्श गुरु सुमिरन का 
जो तजे प्रमाद, करे वह आत्म-उद्धार 

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पाकर परमसुख और शांति का 'गोल'
बजा रहा जन्मदिवस पर ढोल 
मधुर मौन में मुखरित है बोल 
आत्म-वैभव देता है तृप्ति अनमोल 


अशोक व्यास 
न्यूयार्क , अमेरिका 
सोम्वार, 13 अगस्त 2012






8 comments:

प्रतीक माहेश्वरी said...

क्या खूब कविता है अशोक जी..
जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई!

प्रवीण पाण्डेय said...

५० वर्षों का सार समेट दिया है, जन्मदिन की ढेरों बधाईयाँ..

शालिनी कौशिक said...

BAHUT SUNDAR BHAVABHIVYAKTI.तिरंगा शान है अपनी ,फ़लक पर आज फहराए ,

Sanju said...

Very nice post.....
Aabhar!
Mere blog pr padhare.

Amrita Tanmay said...

अति सुन्दर..जन्मदिन की बधाई !

Rakesh Kumar said...

ओ अविनाशी विधाता बनाओ हमारे जीवन को, आनंद और प्यार की रसमय, चिन्मय, मंगल गाथा

बहुत ही खूबसूरत सार प्रस्तुत किया है आपने,अशोक जी.

जन्म दिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाईयाँ
और मंगलकामना.

आपकी मेल पर मैंने स्वतंत्रता दिवस की
शुभकामनाएँ प्रेषित कीं थीं.

9th अगस्त को मेरी बिटिया निधि को
कन्या रत्न की प्राप्ति हुई है.

Rakesh Kumar said...

आपका फोटो लाजबाब है,
लगता है घोड़े से उतर दिव्य
प्रकाश का आगमन हो रहा हो.

BTW कहाँ का है यह फोटो.

Ashok Vyas said...

Prateekji, Praveenjee, Shaliniji, Sanjuji, Amritaji, Rakeshji

50 baras ka hone ke baad
ab phir se blog tak aayaa
aap sabka itna madhur
sandesh, shubh bhav sahit paaya

aapko dhanywaad kahne kee
chaahat rok nahin paaya

bahut abhaar,
dher saara pyaar

aur
Rakeshji,
Nidhi ko mila hai
Lakshmiji ka vishesh uphaar

iske liye badhaaeeyan
aur ashishon kee rasdhaar

Jai Shri Krishna

Ashok Vyas

आनंदित निर्झर

छम छम बरसे प्रेमामृत सा खिला करूण अलोक अपरिमित मौन मधुर झीना झीना सा सरस सूक्ष्म  आनंदित निर्झर तन्मय बेसुध  लीन....  ...