Monday, October 18, 2010

प्रमाण सत्य का

 
 
खोजता रहा 
प्रमाण सत्य का
हर दिशा
हर अनुभव में वह

और फिर बरसों बाद
संकेत सत्य का
मिला इतना सा
' खोजो मत
स्वयं ही 
बन जाओ प्रमाण सत्य का
छोड़ कर
अपना सीमित परिचय'


अशोक व्यास
 

1 comment:

प्रवीण पाण्डेय said...

स्वयं प्रमाण बनने से सत्य गहरा जाता है।

वहाँ जो मौन है सुंदर

वह जो लिखता लिखाता है कहाँ से हमारे भीतर आता है कभी अपना चेहरा बनाता कभी अपना चेहरा छुपाता है वह जो है शक्ति प्रदाता  ...