Saturday, September 11, 2010

दुनिया प्यारी हो पाती है

और एक दिन
कुछ नई बातें
कुछ नए उत्तरदायित्व
प्रेम की पगडण्डी पर चलते हुए भी
कभी कभी
जान ही नहीं पाते
कितने सुहाने दृश्य
बिना देखे 
पीछे छोड़ आये हम 

तुम थाम कर रखना
एक बात मेरी
जिसमें
शामिल है तुम्हारी बात
और जिसके साथ
मेरी और तुम्हारी बात
हो गयी थी हमारी बात

वो बात
जो 'हमारी' हो जाती है
उसी से 
दुनिया प्यारी हो पाती है

अशोक व्यास
न्यूयार्क, अमेरिका
११ सितम्बर २०१०

3 comments:

गजेन्द्र सिंह said...

गणेशचतुर्थी और ईद की शुभकामनाये

अच्छी पंक्तिया लिखी है आपने ...

थोडा सा ध्यान यहाँ भी दे : -
(जानिए पांचो पांडवो के नाम पंजाबी में ....)
http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_11.html

वीना said...

वो बात
जो 'हमारी' हो जाती है
उसी से
दुनिया प्यारी हो पाती है

बहुत ही सुंदर पंक्तियां...ऐसे ही लिखते रहिए...

http://veenakesur.blogspot.com/

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत ही सटीक निष्कर्ष।

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