Wednesday, October 19, 2016

दीप पर्व उजियारे की पुकार है



दीप पर्व उजियारे की पुकार है 
अँधेरा छोड़ कर ही विस्तार है 

ज्ञान में ही जीने का सार है 
दीपावली पावन मंगल श्रृंगार है 

इस बार 
दीपोत्सव कुछ ऐसे मनाएं 
राम का नाम ले 
संकोच के घेरे से बाहर आएं 

अपनी प्रचुर संभावनाएं 
नूतन दृष्टि से अपनाएँ 
विकास की ओर 
ठोस समर्पित कदम बढाएँ 

दीपावली 
न मेरी न तुम्हारी 
ये आलोकित सौगात 
है हमारी 

अपनेपन का ओजस्वी नाम है दीपावली 
मानवता का राजमार्ग, ये नहीं क्षुद्र गली 

दीपोत्सव सकारात्मक चिंतन का 
स्वच्छ सुदर्शन आँगन 
मधुर पकवान, नए परिधान 
दीप पर्व पर आपका अभिनन्दन 


अशोक व्यास 
न्यूयार्क, अमेरिका 
१९ अक्टूबर २०१६ 

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