Tuesday, November 19, 2013

है किसे परवाह मेरी


१ 

सूरज ने कहा 
लो मैं आ गया 
मैंने अपना तेज़ दिखा दिया 
अब तुम दिखाओ 
क्या है तुम्हारे पास 

२ 

उसने संकोच से कहा 
किसे दिखाऊँ 
कौन देखना चाहता है 
है किसे परवाह मेरी 

सूरज ने हंस कर कहा 
अगर मैं भी तुम्हारी तरह सोचता 
तो उगने का समय हमेशा टालता ही रहता 
 
 
अशोक व्यास 
न्यूयार्क, अमेरिका 
२० नवम्बर २०१३


Wednesday, November 13, 2013

कहाँ गया वो


१ 
कहाँ गया वो 
वो 
जो हर दिन कविता लिखता था 
तृप्ति के घूँट पी पीकर 
मगन अपने आप में 
अभिव्यक्त हो होकर 
स्वर्ण कमल सा खिलता था 

कहाँ गया वो 
वो 
जिसके लिए 
कुछ भी पाने से अधिक 
वह हो जाने की यात्रा तय करना 
महत्वपूर्ण था 
जिसमें खिलता था 
उसकी पूर्णता का बोध 

कहाँ गया वो 
जिसमें आश्वस्ति थी 
अभिव्यक्ति की पगडंडियों पर 
सहसा 
किसी अनजान मोड़ पर 
आ मिलेगा 
अनंत अनायास ही 

कहाँ गया वो 
जिसकी श्रद्धा का 
न ओर था न छोर 
वह 
विस्तार का सखा 
अपनी सृजनात्मक अकुलाहट के साथ 
क्या किसी जरूरत के पर्वत से 
दब गया 
या संदेह के वन में 
लुप्त हो गयी 
उसकी वो साँसे 
जिन पर 
कविता प्रसून पल्लवित होते थे 

२ 

जहाँ भी है वो 
कभी कभी 
बहुत याद आता है 

उसकी कुर्सी पर बैठ कर 
झूठ मूठ 
शब्द बुला कर 
कवि होने का स्वांग भरते हुए 
किसी 
एक अयाचक क्षण में 
न जाने क्यूँ लगा 
वो गया नहीं कहीं 
है मेरे आस पास ही 

बस छुपा छुपा सा है 
मेरी बाज़ारू दृष्टि से 
बचता बचाता 
मौन में भी 
जीवित रखे है 
अपनी शाश्वत सत्ता 
जो 
नित्य मुक्त है 
चाहे प्रकट हो 
या अप्रकट रहे 



अशोक व्यास 
न्यूयार्क, अमेरिका 
१३ नवंबर २०१३ 

Friday, November 1, 2013



दीपावली यानि श्रद्धा और सम्बल 
दीपावली यानि आनंद और मंगल 

पावन परम्परा का उजियारा 
दीपोत्सव में संस्कार की धारा 

सत्य संग, प्रेम, समन्वय और समृद्धि का आलिंगन 
दीपोत्सव पर आप सबका विशेष अभिनन्दन

पाएं उत्साह के साथ विस्तार अपार 
अशोक व्यास का प्यार भरा नमस्कार 


नवम्बर २०१३ 
न्यूयार्क, अमेरिका

TRANSLATION

DEEPAWALI MEANS FAITH AND INNER STRENGTH
DEEPAWALI MEANS JOY AND AUSPICIOUSNESS


THE LIGHT OF PIOUS TRADITIONS
FESTIAL OF LIGHT CARRIES THE STREAM OF 'INSPIRING IMPRESSIONS'

MAY WE EMBRACE LOVE, HARMONY AND PROSPERITY WITH TRUTHFULNESS
VERY SPECIAL GREETINGS ON THIS DEEPAWALI

MAY YOUR ENTHUSIASM LEAD YOU TO ATTAIN AMAZING EXPANSION
GREETINGS OF ASHOK VYAS FOR YOU WITH LOVE.

आनंदित निर्झर

छम छम बरसे प्रेमामृत सा खिला करूण अलोक अपरिमित मौन मधुर झीना झीना सा सरस सूक्ष्म  आनंदित निर्झर तन्मय बेसुध  लीन....  ...